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गुलाब के फूलों में औषधीय गुण छिपे हुए हैं, जानिए इसके फायदे और उपयोग की विधि

गुलाब के फूल में ऐसे गुण होते हैं जो वजन घटाने के लिए बहुत प्रभावी होते हैं। पानी में गुलाब के 10 से 15 भाग उबालें। जब पानी पूरी तरह से गुलाबी हो जाए, तो इसमें एक चम्मच शहद और एक चुटकी दालचीनी पाउडर मिलाएं।
गुलाब को उसके गुणों के कारण फूलों का राजा कहा जाता है। यह उतना ही खुशबूदार, सुंदर और मनमोहक है जितना फायदेमंद है। गुलाब जल के फायदों के बारे में तो आपने सुना ही होगा। थकी आँखों को तुरंत राहत प्रदान करने में गुलाब जल बहुत प्रभावी है। इसके अलावा गुलाब जल बालों और त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। लेकिन हम आपको गुलाब के फूलों के फायदों के बारे में बता रहे हैं। लाल गुलाब के फूल हमारी ऊर्जा को बढ़ाते हैं। यह हमारी अधिवृक्क ग्रंथि को प्रभावित करता है। गुलाब के रस का स्वाद तीखा, चिकना, कड़वा और मीठा होता है। गुलाब का इस्तेमाल करने से दिल, दिमाग और पेट की शक्ति बढ़ती है, जिसके कारण उनकी क्रिया भी ठीक होने लगती है।
इसके अलावा, गुलाब की पंखुड़ियों में भी रेचक और मूत्रवर्धक गुण होते हैं, जो पेट को साफ करने, शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने, चयापचय में सुधार करने और वजन कम करने में मदद करते हैं। आइए आज हम आपको गुलाब के औषधीय गुणों से परिचित कराते हैं।
वजन घटाने के लिए: गुलाब के फूल में ऐसे गुण होते हैं जो वजन घटाने के लिए बहुत प्रभावी होते हैं। पानी में गुलाब के 10 से 15 भाग उबालें। जब पानी पूरी तरह से गुलाबी हो जाए, तो इसमें एक चम्मच शहद और एक चुटकी दालचीनी पाउडर मिलाएं।
थकान के लिए: अगर आप जल्द ही थकान महसूस करते हैं, तो गुलाब फल का उपयोग करें। थकान दूर करने के लिए 10 से 15 गुलाब की पंखुड़ियों को पीस लें। इसमें एक बूंद चंदन का तेल मिलाकर शरीर की मालिश करें।
सनस्ट्रोक से बचने के लिए: गर्मी के मौसम में सनस्ट्रोक से बचने के लिए गुलाब के फूल बहुत फायदेमंद होते हैं। 10 गुलाब की पंखुड़ियों को पीसकर एक गिलास पानी में डाल दें। अब इस पानी में एक साफ कपड़ा भिगोकर निचोड़ लें। कटे हुए कपड़े को सिर पर रखें। इसके अलावा, गुलाब के गुलकंद का सेवन करने से पूरे शरीर में ठंडक महसूस होती है और धूप से बचा जा सकता है।
हाथ-पैरों की जलन के लिए: अगर गर्मी, पेट की गड़बड़ी, एसिडिटी आदि के कारण हाथ-पैर जलने में समस्या हो, तो गुलाब का शरबत पिएं और लाभ होगा। इसके अलावा अगर हथेली और तलवों में जलन होती है, तो चंदन और गुलाब जल को हथेली और तलवों पर लगाएं।
नाखूनों के लिए: मुँहासे एक अच्छा मॉइस्चराइज़र है। गुलाब की पंखुड़ियों में जीवाणुरोधी गुण होते हैं और पिंपल्स को सुखाने में मदद करते हैं। इसके अलावा, एक एंटीसेप्टिक यौगिक, फेनिल इथेनॉल की उपस्थिति, शीशम को मुँहासे के खिलाफ प्रभावी बनाता है। मेथी के दानों को रात को पानी में भिगो दें और गुलाब जल डालकर एक अच्छा पेस्ट बनाएं। इसे अपने चेहरे पर लगाएं, इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें और ठंडे गुलाब जल से धो लें।